बिहार को मिलेगी NCR जैसी रैपिड रेल, पटना-मुजफ्फरपुर, गया, आरा और बेगूसराय होंगे कनेक्ट

पटना
बिहार में एनसीआर की तर्ज पर रेपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का जाल बिछने वाला है। राजधानी पटना से चार दिशाओं में 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से रेपिड ट्रेनें दौड़ेंगी। इनका संचालन पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गयाजी रूट पर किया जाएगा। रेपिड रेल का अलग से ट्रैक बिछाया जाएगा। इस कॉरिडोर से पटना, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, वैशाली, सारण, जहानाबाद, गयाजी और भोजपुर जिले के 16 छोटे-बड़े शहर रैपिड रेल से आपस में जुड़ जाएंगे। इन शहरों के बीच आवागमन और भी बेहतर एवं तेज हो जाएगा। इसका सीधा फायदा कामकाजी लोगों, मरीजों, छात्र-छात्राओं समेत अन्य आमजन को होगा।

बिहार में रैपिड रेल कॉरिडोर बनने के बाद पटना के आसपास के शहरों एवं उपनगरों से राजधानी आना-जाना और आसान हो जाएगा। रैपिड रेल से इनकी कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इन शहरों का आर्थिक विकास तेज होगा। इससे राजधानी पर आबादी का दबाव भी घटेगा

बिहार में रैपिड रेल के 4 संभावित रूट-
    पटना से मुजफ्फरपुर, वाया- सोनपुर, हाजीपुर
    पटना से आरा, वाया- दानापुर, बिहटा
    पटना से गयाजी, वाया- मसौढ़ी, जहानाबाद
    पटना से बेगूसराय, वाया- फतुहा, बख्तिायरपुर, बाढ़, मोकामा, बरौनी

कैबिनेट से डीपीआर बनाने की मंजूरी
सम्राट चौधरी कैबिनेट ने पिछले दिनों ही रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत बिहार में 4 कॉरिडोर बनाने की मंजूरी दी। रूट का डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का संचालन करने वाली कंपनी एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) को डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

अलग ट्रैक बिछेगा, 160 की रफ्तार
रैपिड रेल की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होगी। इसलिए इसके लिए अलग ट्रैक बिछाए जाने की योजना है। वर्तमान रेल ट्रैक से यह अलग होगा। पटना के चारों दिशाओं के नजदीकी शहरों से रोज राजधानी आने-जाने वालों का अध्ययन किया जाएगा। इसी हिसाब से स्टेशन बनाए जाएंगे। वर्तमान में भी इन शहरों से पटना की कनेक्टिविटी बनी हुई है। डीपीआर बनाते समय अध्ययन में यह शामिल किया जाएगा कि कैसे इसे और बेहतर बनाया जाए।

बिहार रैपिड रेल रूट
पटना, गयाजी, सोनपुर, मुजफ्फरपुर में बनने वाले सैटेलाइट टाउनशिप और इस क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने का भी डीपीआर में अध्ययन किया जाएगा। किन शहरों से ज्यादा यात्री पटना आते-जाते हैं। वहां स्टेशन के लिए जगह चिह्नित की जाएगी। स्टेशन को आसपास के सड़क मार्ग से जोड़ने के मार्ग को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

8 जिलों का होगा आर्थिक विकास
पटना समेत 8 जिलों से होकर रैपिड रेल कॉरिडोर गुजरेगा। इन शहरों से रोजाना बड़ी आबादी रोजगार के लिए पटना आती-जाती है। शहरी मामलों के विशेषज्ञ एनआईटी के प्रोफेसर संजीव सिन्हा कहते हैं कि इन शहरों का आर्थिक विकास तेज होगा। कामकाजी लोगों, पढ़ाई, इलाज और सरकारी कामकाज के लिए पटना आने वालों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

हर 15 मिनट में रैपिड ट्रेन!
एनसीआरटीसी वर्तमान में 8 रैपिड रेल कॉरिडोर पर काम कर रही है। ये सभी दिल्ली-एनसीआर में मौजूद हैं। इसमें से दिल्ली से मेरठ कॉरिडोर पर आवागमन शुरू हो चुका है। इस रूट पर हर 10 से 15 मिनट पर यात्रियों को रैपिड रेल उपलब्ध रहती है। एक तरह से यह अलग-अलग शहरों से चलने वाली मेट्रो ट्रेनें है। रैपिड रेल की गति मेट्रो और अन्य लोकल ट्रेनों से बहुत अधिक रहती है। इससे आवागमन में बहुत कम समय खर्च होता है।

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