सहरसा, पूर्णिया, कैमूर में उद्योगों को बढ़ावा, खिलाड़ियों को मिलेगी बेहतर नौकरी

पटना
सम्राट चौधरी कैबिनेट ने बिहार के विकास के लिए कई एजेंडों पर अपनी मुहर लगाई है। बिहार की तीन जिलों सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में अब औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। सहरसा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वनगांव और देवनागोपाल मौजा में करीब 420.63 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 88.01 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति दी है। इस भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। इसी प्रकार पूर्णिया 1.25 अरब की लागत पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव स्वीकृत। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को इसकी मंजूरी दी।

केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के समीप कैमूर जिला में अंचल चांद और चैनपुर में 781.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस पर दो अरब तीस करोड़ 64 लाख 95 हजार नौ रुपये खर्च होंगे। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई है। इसके तहत राज्य के सभी कार्य विभागों के लिपिकों का अब एक संवर्ग होगा। इसमें पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी, भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग शामिल हैं।

पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत मूल कोटि के पद (शोध सहायक) पर चयन परीक्षा बीपीएससी के स्थान पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग के स्तर से ली जाएगी। वहीं, जल संसाधन विभाग के 217 विभागीय निरीक्षण भवन आधुनिक गेस्ट हाउस और ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होंगे। मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है। इसके तहत बांधों, बराजों और जलाशयों के पास स्थित भवनों को पर्यटकों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

विधानसभा निदेशक राजीव कुमार की संविदा अवधि बढ़ी
विधानसभा के निदेशक राजीव कुमार की संविदा अवधि बढ़ा दी गयी है। उनकी संविदा अवधि 30 जून 2026 को समाप्त होने वाली थी। इसका विस्तार एक जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक किया गया है। वित्त विभाग में भविष्य निधि निदेशालय के सहायक आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ सेवाच्युति (जो सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता नहीं होगी) का दंड लगाया गया है।

संविदा अभियंताओं को बोनस अंक का फायदा अब सिर्फ एक बार मिलेगा
मंत्रिमंडल ने अभियंत्रण सेवा भर्ती नियमावली में संशोधन किया है। अभी संविदा पर कार्यरत सहायक अभियंताओं को नियमित भर्ती परीक्षा में बोनस अंक दिये जाते हैं। इसके कारण कई अभियंता एक से अधिक विभागों में चयनित हो जाते थे, जबकि वे अंततः केवल एक विभाग में ही नियुक्ति लेते थे। इससे अन्य विभागों की सीटें खाली रह जाती थीं और दूसरे अभ्यर्थियों के अवसर कम हो जाते थे।

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई संविदा सहायक अभियंता अधिमानता अंक का लाभ लेकर किसी एक विभाग में चयनित हो जाता है, तो भविष्य में उसे दोबारा इस लाभ का अधिकार नहीं होगा। हालांकि वह सामान्य अभ्यर्थी के रूप में अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकेगा। यह नियम उन भर्ती प्रक्रियाओं पर भी लागू होगा जो वर्तमान में चल रही हैं।

आशुलिपिक की उम्रसीमा अब 18 वर्ष
मंत्रिमंडल ने बिहार नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी। अब इंटरमीडिएट उत्तीर्ण 18 वर्ष के युवा भी आशुलिपिक पद पर सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। आपदा प्रबंधन विभाग के नागरिक सुरक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को राज्यमंत्रिपरिषद ने सहमति दे दी। इसके तहत आशुलिपिक पद पर सीधी नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है।

शोध सहायक भर्ती में इंटरव्यू खत्म
मंत्रिमंडल ने पथ निर्माण विभाग में शोध सहायक पद की भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब इस पद पर चयन के लिए 100 अंकों का इंटरव्यू नहीं होगा। साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और प्रतियोगिता परीक्षा के विषयों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा, ताकि जल संसाधन की नियमावली के अनुरूप एकरूपता स्थापित हो सके।

खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान की नौकरी
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में पदक जीतने और भाग लेने वाले राज्य के खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान स्तर की नौकरी दी जाएगी। इसको लेकर बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 की मंजूरी राज्य कैबिनेट ने दे दी है। नई नियमावली के तहत ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले, ओलंपिक में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले, क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले तथा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-09 (ग्रेड पे 5400 रुपये) में नियुक्ति की जाएगी।

इसी प्रकार, एशियाई खेल एवं राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल खेल विधाओं के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों तथा रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-07 (ग्रेड पे 4600 रुपये) में नियुक्ति दी जाएगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी होगी
राज्य में चिह्नत पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य खनन निगम लिमिटेड को खनन योजना तैयार कराने और पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए नामित किया गया है। खनन निगम नीलामी से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करेगा। नीलामी के बाद खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति सफल बोलीदाता को हस्तांतरित की जाएगी।

पांच प्रमुख नदियों के गाद का अध्ययन
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की प्रमुख पांच नदियों सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर और चानन का पुनर्भरण अध्ययन किया जाएगा। इन नदियों में बालू के जमा होने के स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। यह कार्य सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) से कराया जाएगा, जिस पर दो करोड़ 32 लाख रुपये खर्च होंगे।

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