चंडीगढ़ के 11 पुलिसकर्मियों ने किया नामचीन डॉक्टर का किडनैप

चंडीगढ़.

शहर के नामी डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन की किडनैपिंग के मामले में चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत नौ पुलिसकर्मी बुरी तरह फंस गए हैं। इस मामले में पिछले साल सीबीआई ने सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। करीब एक साल तक चली जांच के बाद सीबीआई ने जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। दो अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी जोड़ दिए। चार्जशीट में सीबीआई ने पुलिसकर्मियों की साजिश का पर्दाफाश किया है।

सात जनवरी 2022 को डॉ.धवन का कथित तौर पर पर अपहरण किया गया था। सीबीआई जांच में सामने आया है कि डॉ. धवन का अपहरण करने के लिए पुलिसकर्मियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप में साजिश रची थी। यह ग्रुप वारदात से कुछ घंटे पहले ही बना था जिसमें 11 पुलिसकर्मी जुड़े थे। इनमें इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों भी शामिल थे। ग्रुप में डॉ.धवन की कपड़ों से पहचान करने के बारे में बात चल रही थी। जैसे ही एक पुलिसकर्मी की उन पर नजर पड़ी, उसने तुरंत वॉट्स एप ग्रुप में उनकी तस्वीर शेयर कर दीं। इसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जिला अदालत के गेट से डॉ. धवन को अगवा कर लिया।

उन्हें एक प्राइवेट गाड़ी में बिठाकर शहर में घुमाते रहे। उन्हें कई घंटों तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें अदालत में पेश होने से रोकने के लिए उनका अपहरण किया था। सीबीआई के मुताबिक डॉ.धवन को किसी आपराधिक मामले में कोर्ट में पेश होना था, लेकिन अपहरण के कारण वह पेश नहीं हो सके। उनके खिलाफ पुलिस की एक फर्जी रेड के सबूत भी थे। इसलिए भी पुलिस उन्हें अदालत में पेश होने से रोकना चाहती थी।

वॉट्सएप ग्रुप में ऐसी रची गई साजिश –

  • सात जनवरी 2022 को उन्हें अगवा किया गया। उससे कुछ घंटे पहले एसआइ सुरेश कुमार ने वॉट्स एप ग्रुप बनाया। नाम दिया गया ''धवन"
  • हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम के मोबाइल की जांच में मिले इस ग्रुप के सबूत
  • सुबह 9.44 बजे से 10.26 बजे तक डॉ.धवन की पुरानी तस्वीरें शेयर की गईं
  • एसआइ सुरेश ने ग्रुप में लिखा "जो भी डॉ.धवन की पहचान करे, वह उनके कपड़ों की डिटेल ग्रुप में शेयर करे।"
  • 10.29 बजे कॉन्स्टेबल विकास हुड्‌डा ने डॉ.धवन की कोर्ट में पहुंचने की तस्वीर शेयर कर दी।
  • 11.01 बजे एएसआइ अजमेर ने मैसेज किया गया कि सभी आफिशियल लोकल बस स्टैंड साइड के गेट पर मिलें।
  • इसके बाद सभी पुलिसकर्मी एक-एक ग्रुप से निकल गए ताकि सबूत छिपाए जा सकें।

सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद मामला CBI को ट्रांसफर
डॉ.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डॉ.मोहित धवन अदालत में पेश होने पहुंचे, लेकिन एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया।

अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिन का रिमांड भी ले लिया। डॉ.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने फिर अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच पंजाब पुलिस की बजाय सीबीआई को सौंप दी थी।

इन पुलिसकर्मियों पर चलेगा केस

  1. इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों
  2. एसआइ सुरेश कुमार
  3. एएसआइ अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह
  4. हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार
  5. कॉन्स्टेबल विकास हुड्‌डा
  6. कॉन्स्टेबल सुभाष
  7. एएसआइ बलवंत
  8. हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम
  9. कॉन्स्टेबल प्रदीप

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