
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में शुक्रवार शाम “आजादी का महापर्व” कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की विभूतियों को राष्ट्रीय अलंकरण प्रदान किए। वहीं, प्रख्यात गायक सुरेश वाडकर ने राष्ट्रभक्ति गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती अनेक वीर योद्धाओं और स्वतंत्रता सेनानियों की गवाही देती है। इसलिए, राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली विभूतियां अभिनंदन की पात्र हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर पर विभूतियों का चयन कर उन्हें सम्मानित करने की परंपरा निभा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चार प्रमुख राष्ट्रीय अलंकरण प्रदान किए। इनमें वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय सम्मान, अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद राष्ट्रीय सम्मान, महर्षि वेद व्यास राष्ट्रीय सम्मान और महाराजा अग्रसेन राष्ट्रीय सम्मान शामिल हैं। प्रत्येक सम्मान के अंतर्गत ₹2-2 लाख की सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह दिया गया।
सम्मान प्राप्त विभूतियां
• वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय सम्मान: मीनाक्षी जैन (नई दिल्ली), डॉ. शशिप्रभा कुमार (नोएडा), श्रीमती इंदुमति काटदरे (अहमदाबाद), डॉ. पी.टी. उषा (नई दिल्ली)
• अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद राष्ट्रीय सम्मान: महेश शर्मा (झाबुआ), ले. जनरल (से.नि.) सैयद अता हसनैन, गिरीश प्रभुणे (पुणे), विवेकानंद केन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर (गुवाहाटी)
• महर्षि वेद व्यास राष्ट्रीय सम्मान: प्रफुल्ल केतकर (नई दिल्ली), प्रो. रघुवेंद्र तंवर (नई दिल्ली), डॉ. केशवराव सदाशिवशास्त्री मुसलगांवकर (उज्जैन), श्री संजीव सान्याल (नई दिल्ली)
• महाराजा अग्रसेन राष्ट्रीय सम्मान: निर्मलदास नारंग (ग्वालियर), सेवा भारती शिक्षा समिति (इंदौर), रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल (वृंदावन), जनजाति कल्याण केन्द्र महाकौशल (डिण्डोरी)
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 11 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उदाहरण के लिए, धारा 370 की समाप्ति, अंतरिक्ष विज्ञान में प्रगति और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम। नतीजतन, भारत की साख विश्व मंच पर लगातार बढ़ी है।
अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई दी और राष्ट्रहित में किए गए उनके योगदान की सराहना की।
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